चेनानी नाशरी सुरंग: देश की सबसे SMARTEST सुरंग,जानें इसकी खुबियां

देश की सबसे लंबी सुरंग अब बनकर तैयार है और जल्द ही इसे आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। आज पीएम मोदी नेशनल हाइवे पर बनी इस सुरंग का उद्धाटन करेंगे। उनके साथ कई दिग्गत नेता भी मौजूद होंगे। उनके दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
9.2 किलोमीटर का रास्ता
यह सुरंग 9.2 किलोमीटर तक है और हाइवे पर 286 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले प्रोजेक्ट का हिस्सा है। 23 मई 2011 को इस सुरंग का निर्माण शुरू हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक हिमालय के निचले हिस्से में बनी इस सुरंग के निर्माण में करीब 3,720 करोड़ रुपए की लागत आई है।
यह सुरंग 1200 मीटर लंबी है और यह भारत की पहली सुरंग है जो विश्वस्तरीय इंटीग्रेटेड टनल कंट्रोल सिस्टम से लैस है। इस सिस्टम के जरिए वेंटीलेशन, फायर कंट्रोल, सिग्नल, कम्यूनिकेशन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को आटोमैटिकली एक्टिव रखा जाएगा।
क्या होगा फायदा
इस सुरंग की वजह से जम्मू और श्रीनगर के बीच जो सफर तय होता है, उसके कुल समय में करीब ढाई घंटे की कमी आएगी। इस सुरंग की वजह से जम्मू के चेनानी और और नाशरी के बीच की दूरी अब घटकर सिर्फ 10.9 किलोमीटर ही रह जाएगी जो वर्तमान समय में 41 किलोमीटर है।
कितनी कीमत चुकानी होगी
2500 करोड़ की लागत से ये सुरंग बन रही है। इस सुरंग में सफर के लिए हल्के वाहनों को एक तरफ के लिए 55 रुपए और दोनों तरफ के लिए 85 रुपए देने पड़ेंगे। एक माह के लिए हल्के वाहनों को 1,870 रुपए बतौर शुल्क अदा करने होंगे। वही भारी वाहनों जैसे मिनी बस के लिए फीस एक तरफ से 90 रुपए और दोनों तरफ के लिए 135 रुपए अदा करने होंगे।
साथ ही बस और ट्रकों को एक तरफ के लिए 190 रुपए और दोनों तरफ के 285 रुपए अदा करने होंगे। इस सुरंग पर 124 सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। हर 75 मीटर की दूरी पर सीसीटीवी इंस्टॉल किए गए हैं। साथ ही एक थ्री-टीयर सिस्टम के जरिए इसके अंदर बिजली का इंतजाम किया गया है।
सुरंग का इतिहास
– 23 मई 2011 को शुरू हुआ सड़क सुरंग का काम
– 9.2 किलोमीटर लम्बी सड़क सुरंग उधमपुर के चेनानी और रामबन के नाशरी के बीच
– 13.3 व्यास की होगी दो लेन की मुख्य सुरंग
– 05 व्यास का होगा समानान्तर बचाव का रास्ता। इसका इस्तेमाल राहगीर करेंगे।
– 05 मीटर मुख्य सुरंग के लिए प्रतिदिन की गई खुदाई।
– 08 मीटर बचाव रास्ते के लिए रोजाना की गई ड्रिलिंग।
– 100 साल से ज्यादा जीवन होगा इस सड़क सुरंग का।
– 04 लेन की यह सड़क सुरंग परियोजना
– 02 ट्यूब (सुरंग के) आतंरिक रूप से 29 क्रॉस मार्गों के जरिय राहगीरों के लिए हर 300 मीटर और आपात वाहनों के लिए 1200 मीटर पर जुड़े रहेंगे।
– 1000 कामगार (स्टॉफ और कार्यबल) अत्याधुनिक ड्रिलिंग मशीनों के साथ जुटे हुए हैं।
– 1200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है सुरंग का प्रवेश और निकास
– 14 मीटर चौड़ी और 10 मीटर ऊंची है यह सुरंग
देश में अन्य लंबी सड़क सुरंगे
रोहतांग सुरंग
रोहतांग सुरंग दुनिया की सबसे ऊंची सड़क सुरंग है। यह समुद्र से 3,978 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय के पूर्वी पीर पंजाल श्रेणी पर रोहतांग दर्रे के पास लेह-मनाली राजमार्ग पर स्थित है। दो लेन की सुरंग 8.8 किलोमीटर लम्बी है। यह देश की दूसरी सबसे लंबी सड़क सुरंग है। इससे मनाली-क्योलोंग के बीच की दूरी 60 किलोमीटर कम होने की संभावना है।
औत सुरंग
चंडीगढ़-मनाली मार्ग पर मंडी के पास औत में व्यास नदी के पास यह सुरंग बनी हुई है। यह तीन किलोमीटर लम्बी है। इसे कुल्लु-मनाली का गेटवे भी कहा जाता है। इसका निर्माण यहां एक बिजली परियोजना के कारण सड़क बंद करने से किया गया।
जवाहर सुरंग
समुद्र से 2194 मीटर की उंचाई पर बनिहाल सुरंग को जवाहर के नाम से जाना जाता है। बनिहाल दर्रे पर यह सड़क सुरंग 2.5 किलोमीटर लम्बी है। यह जम्मू-कश्मीर में बनिहाल और काजीगुंड के बीच स्थित है। अब इस सुरंग में सीसीटीवी कैमरे, वायुसंचार प्रणाली, आपात निकास और विश्वस्तरीय विद्युत व्यवस्था भी है।
खाम्शेट सुरंग
यह सुरंग 1.843 किलोमीटर लम्बी है। पुणे के खाम्शेट के पास बनी सुरंग महाराष्ट्र की सबसे लम्बी सुरंग कहलाती है। मुंबई-पुणे राजमार्ग पर दो ट्यूब की इस सुरंग में तीन लेन हैं।
दुनिया की सबसे लम्बी सुरंग
विश्व की सबसे लम्बी सड़क सुरंग नार्वे में है। इसकी लम्बाई 24.5 किलोमीटर है। यह ऑरलैंड और लायेरडेल के बीच ओस्लो और बेरजेन को जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग पर स्थित है। इसके निर्माण को 1992 में नार्वे संसद ने मंजूरी दी थी।
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